भोपाल में महाराष्ट्र कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के सदस्य बालासाहेब थोरात ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर भाजपा के पक्ष में काम करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार भाजपा का राज बचाने के लिए काम कर रहे हैं। कांग्रेस एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) के खिलाफ नहीं, बल्कि गलत तरीके से हो रही प्रक्रिया के खिलाफ लड़ रही है। यह लड़ाई लोकतंत्र और वोट देने के अधिकार को बचाने के लिए है।

थोरात ने शनिवार को प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान यह बात कही। इस दौरान केवलारी विधायक रजनीश सिंह, भोपाल शहर कांग्रेस अध्यक्ष प्रवीण सक्सेना और ग्रामीण जिला अध्यक्ष अनोखी पटेल मौजूद रहे।

नवंबर में बूथ स्तर पर जांचेंगे वोटर लिस्ट

थोरात ने कहा कि भाजपा एसआईआर के फायदे गिना रही है, क्योंकि उसे इससे फायदा नजर आ रहा है। कांग्रेस ऐसी प्रक्रिया चाहती है, जो निष्पक्ष और सही हो। उन्होंने कहा कि पार्टी गलत तरीके से एसआईआर किए जाने के खिलाफ संघर्ष करेगी।

थोरात ने दावा किया कि जनता जागरूक हो चुकी है और राहुल गांधी के नेतृत्व में लोकतंत्र बचाने की लड़ाई में कांग्रेस के साथ है। उन्होंने बताया कि कांग्रेस 1 नवंबर को रैली निकालेगी। इसके बाद नवंबर में बूथ स्तर पर जाकर मतदाता सूची की जांच की जाएगी। कांग्रेस कार्यकर्ता देखेंगे कि वोटर लिस्ट में कोई गड़बड़ी तो नहीं हुई है। आगे का कार्यक्रम एआईसीसी के निर्देशों के अनुसार तय किया जाएगा।

भाजपा के जवाबी अभियान पर भी निशाना

कांग्रेस के वोट चोरी के आरोपों के जवाब में भाजपा ने ‘लोकतंत्र बचाओ, भीड़तंत्र हटाओ’ अभियान शुरू किया है। इस पर थोरात ने कहा कि भाजपा संविधान और लोकतंत्र के खिलाफ काम कर रही है।

उन्होंने कहा कि भाजपा ने अपने अभियान में ‘भीड़तंत्र हटाओ’ शब्द को बदलकर ‘अराजकता हटाओ’ कर दिया है। थोरात ने इसे कांग्रेस के आंदोलन के प्रभाव से जोड़ते हुए दावा किया कि भाजपा ने भीड़ की मौजूदगी को स्वीकार किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस लोकतंत्र और मताधिकार की रक्षा के लिए अपना संघर्ष जारी रखेगी।