व्यवस्था को लेकर भी विधायक स्वयं सक्रिय नजर आए। लोकांगन के हर हिस्से में पहुंचकर उन्होंने बहनों से मुलाकात की और उन्हें भरोसा दिलाया कि कोई भी बहन निराश होकर नहीं लौटेगी। उन्होंने कहा कि पार्षद से लेकर विधायक बनने तक वैशाली नगर की बहनों ने जिस आत्मीयता से उन्हें अपना भाई मानकर स्नेह और आशीर्वाद दिया है, उस रिश्ते का मान रखना उनका दायित्व है। उन्होंने कहा कि जो बहनें आज उनसे नहीं मिल पाईं, उनके लिए भी अगले एक सप्ताह तक उपलब्ध रहने का प्रयास करेंगे।