भोपाल : मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने कहा कि आज स्किल नई करेंसी है और इनोवेशन नई इकोनामी। हमारी संस्थाओं को कौशल, शोध, नवाचार और उद्यमिता का केंद्र बनना होगा। पब्लिकेशन से लेकर पेटेंट तक, पेटेंट से प्रोटोटाइप तक और प्रोटोटाइप से लेकर एंटरप्राइज की इकोनामिक और नालेज वैल्यू चैन की स्थापना करनी होगी।
मध्य प्रदेश में पर्याप्त प्राकृतिक संसाधन, भूमि, युवा शक्ति और संस्थागत क्षमता उपलब्ध है। आवश्यकता इस बात की है कि युवाओं के कौशल को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप विकसित किया जाए।यह बात मुख्यमंत्री ने कंट्रीब्यूशन आफ सेंट्रली फंडेड इंस्टीटयूशन्स फार समृद्ध मध्य प्रदेश-2047 पर राज्य स्तरीय कान्क्लेव को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में दीप प्रज्जलित कर कान्क्लेव का शुभारंभ किया।