भोपाल। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), भोपाल में कैंसर मरीजों की जांच व्यवस्था गंभीर संकट से गुजर रही है। पैथोलाजी विभाग की अत्याधुनिक आईएचसी (इम्यूनोहिस्टोकेमिस्ट्री) मशीन पिछले पांच महीनों से तकनीकी खराबी के कारण बंद पड़ी है।
इस मशीन के बंद होने से कैंसर मरीजों के सटीक डायग्नोसिस और इलाज में भारी देरी हो रही है। गरीब और मध्यमवर्गीय मरीजों को मजबूरी में निजी लैबों का रुख करना पड़ रहा है, जहां जांच के लिए हजारों रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं।