नोटों की माला और डायपर लेकर NSUI का प्रदर्शन, पेपर लीक मामले में विश्वविद्यालय घेरा
Updated on
21-08-2026 05:58 PM
रायपुर । इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में “Pest Management in Crop and Stored Grains-I” (Course Code: AENT221) का प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले WhatsApp के माध्यम से वायरल होने और परीक्षा में वही प्रश्नपत्र आने के मामले को लेकर विद्यार्थियों में भारी आक्रोश है। मामले को लेकर NSUI प्रदेश अध्यक्ष नीरज पांडेय के नेतृत्व में विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन करते हुए विश्वविद्यालय का घेराव किया।
प्रदर्शन के दौरान NSUI कार्यकर्ताओं ने नोटों की माला और डायपर लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ विरोध जताया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि परीक्षा व्यवस्था में लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाएं विद्यार्थियों के भविष्य और विश्वविद्यालय की परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं।
NSUI का आरोप है कि इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में पेपर लीक का यह कोई पहला मामला नहीं है। वर्ष 2022 और 2024 में भी प्रश्नपत्र लीक होने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं और अब तीसरी बार परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र WhatsApp के माध्यम से वायरल होने तथा परीक्षा में वही प्रश्नपत्र आने का मामला सामने आया है। NSUI ने कहा कि बार-बार ऐसी घटनाएं सामने आना परीक्षा व्यवस्था की गंभीर लापरवाही को दर्शाता है।
NSUI ने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले किस माध्यम से वायरल हुआ इसकी जांच की जाए तथा इसमें शामिल जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही विद्यार्थियों के हित में परीक्षा को लेकर उचित निर्णय लिया जाए, ताकि किसी भी विद्यार्थी के भविष्य के साथ अन्याय न हो।
प्रदेश अध्यक्ष नीरज पांडे ने कहा कि “इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में बार-बार पेपर लीक की घटनाएं सामने आना बेहद गंभीर और चिंताजनक है। वर्ष 2022 और 2024 के बाद अब तीसरी बार परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र WhatsApp पर वायरल होने और वही प्रश्नपत्र परीक्षा में आने की बात सामने आई है। यह केवल एक परीक्षा का मामला नहीं, बल्कि हजारों विद्यार्थियों के भविष्य और परीक्षा की विश्वसनीयता से जुड़ा विषय है। विश्वविद्यालय प्रशासन को पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। विद्यार्थियों के भविष्य के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ NSUI बर्दाश्त नहीं करेगी।”
जिला अध्यक्ष प्रशांत गोस्वामी ने कहा कि “विद्यार्थी मेहनत करके परीक्षा की तैयारी करते हैं, लेकिन यदि परीक्षा से पहले ही प्रश्नपत्र वायरल हो जाए और वही प्रश्नपत्र परीक्षा में आ जाए तो यह मेहनत करने वाले विद्यार्थियों के साथ सीधा अन्याय है। NSUI की मांग है कि मामले की निष्पक्ष जांच हो, दोषियों को चिन्हित कर कड़ी कार्रवाई की जाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए परीक्षा व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाए।”
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