सुनीता ने बताया कि साथ ही अन्य गतिविधियों के लिए भी उनके पास पर्याप्त समय है जैसे कोरोना काल में उन्होंने आपदा को भी अवसर के रूप में बदल दिया। उन्होंने बताया कि गौठान नहीं होता, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की योजनाएं नहीं होती तो उनके बड़े-बड़े सपने सच नहीं होते। सफलता मिलती है तो आगे की उम्मीद भी बढ़ जाती है। वे आगे की योजना बना रही हैं। उन्होंने सोचा है अब मसाला और पिराई का काम शुरू करेंगी।