करितगांव स्कूल के प्रभारी प्रचार्य लुप्तेश्वर आचार्य कहना है कि बात सच है कि बहुत से बच्चे दूर गांवों से आने कारण अपने घरों से भूखे ही स्कूल आ जाते हैं, लेकिन इस नायाब तरीके से अब स्कूल में उपस्थिति संख्या में बढ़ोतरी हुई है। आने वाले वक्त में इस पहल में कुछ और सुधार किए जाएंगे ताकि ग्रामीण बच्चों को स्कूल आने में कोई दिक्कत न हो।