पाकिस्तान ड्रोन के भंडार क्यों भर रहा है?
सूत्रों का कहना है कि ये खरीद तुर्की और सऊदी अरब के साथ रक्षा सहयोग समझौतों के तहत की जा रही है। तुर्की, पाकिस्तान को बिना पायलट वाले हवाई वाहन (UAV) सप्लाई करने वाले मुख्य देशों में से एक बनकर उभरा है। इस्लामाबाद के साथ उसके सैन्य सहयोग में 'बायरकतार TB2' और अन्य टैक्टिकल सिस्टम शामिल हैं। पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर खरीद प्रक्रिया को आगे बढ़ा रहे हैं। पाकिस्तान की लगातार आर्थिक मुश्किलों के बावजूद ये खरीद मौजूदा द्विपक्षीय रक्षा समझौतों के जरिए की जा रही है।पाकिस्तान पहले भी अपनी पश्चिमी सीमा पर निगरानी और हमले के मिशन के लिए तुर्की के ड्रोन का इस्तेमाल कर चुका है। इस्लामाबाद ज्यादा देर तक उड़ने वाले UAV और 'लोइटरिंग म्यूनिशन सिस्टम' यानि ऐसे हथियार जो लक्ष्य के पास कुछ देर तक मंडरा सकते हैं को भी अपने बेड़े में शामिल करने की कोशिश कर रहा है।
